Wednesday, October 21st, 2026

स्कूल बसों को पीले रंग से ही क्यों किया जाता है पेंट

नई दिल्ली

छोटे बच्चों को स्कूल तक ले जाने और घर छोड़ने का काम इन दिनों स्कूल बसों का है। आपने देखा ही होगा कि हर स्कूल बस पर स्कूल का नाम लिखा होता है, लेकिन साथ ही हर स्कूल को येलो कलर का पेंट किया जाता है। कलर का अपना एक अलग महत्व होता है और इसी लिए येलो कलर की स्कूल बस का भी अपना महत्व है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर ज्यादातर स्कूल बसों को येलो कलर का पेंट जॉब क्यों किया जाता है? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है? आज हम यहां पर आपको इसी सवाल का जवाब देने जा रहे हैं कि सकूल बसों पर येलो कलर क्यों किया जाता है।

हम सभी जानते हैं कि लाल रंग का सफेद प्रकाश के विभिन्न घटकों के बीच अधिकतम तरंग दैर्ध्य लगभग 650 एनएम होता है। यह आसानी से बिखरता नहीं है और बहुत दूर से भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। लेकिन लाल रंग को सावधानी से जुड़े संकेतों में इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए स्कूल बस को लाल रंग से रंगना एक अच्छा विकल्प नहीं होगा। अब सवाल यह उठता है कि फिर ज्यादातर स्कूल बसों को पीले रंग से ही क्यों रंगा जाता है? स्कूल बस को पीले रंग से रंगा गया है क्योंकि यह रंग किसी की भी आंखों को जल्दी से आकर्षित करता है। इस रंग पर किसी भी इंसान का ध्यान तुरंत ही आकर्षित हो जाता है, क्योंकि यह एक विशिष्ट उपस्थिति देता है। यह देखा गया है कि जब हम अपने दैनिक जीवन में रंगों की बात करते हैं तो पीला रंग आंख को सबसे अधिक दिखाई देने वाला रंग होता है। 

 

#स्कूल बसों

Source : Agency

पाठको की राय